जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विकास की दिशा व दशा’ पर बुद्धजीवियों ने की चर्चा

वर्षों से जम्मू कश्मीर पर लागू भारतीय सांविधान के अनुच्छेद 370 व 35 A को समाप्त किये जाने पर आज राष्ट्रीय विचार मंच द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन अलीगढ़ महानगर के आगरा रोड स्थित श्री रघुवीरसहाय इंटर कॉलेज में आयोजन किया गया।

वर्तमान परिपेक्ष में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विकास की दिशा व दशा’   विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए देश के मूर्धन्य इतिहासकार डॉ बिशनबहादुर सक्सेना ने कहा कि सांविधान का अनुच्छेद 370 देश के साथ छलावा था राजा हरिसिंह सदैव कश्मीर का विलय भारत में ही चाहते थे । उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर को पूर्ण विकसित करने के लिए भारत को पाक अधिकृत कश्मीर को भी हासिल करना होगा ।

उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख के पूर्ण विकास की रूपरेखा बना ली है ।

वरिष्ठ समाजसेवी चन्द्र प्रकाश गुप्ता ने अनुच्छेद 370 को हटाने के पश्चात जम्मूकश्मीर के विकास का नया वातावरण बनने का दावा करते हुए कहा कि अब जम्मू कश्मीर व लद्दाख की संस्कृति अर्थव्यवस्था का सही रूप में विकास होगा, आवश्यकता इस बात की है कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में राष्ट्र के प्रति निष्ठावान अधिकारियों की नियुक्ति करें ।

उन्होंने उन सभी सांसदों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपनी पार्टी की लाइन से हटकर अनुच्छेद 370 की समाप्ति का समर्थन किया ।

आहुति अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि प्रत्येक भारतीय का दायित्व है कि वह बदलती हुई राष्ट्रीय परिस्थियों में राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका का निर्धारण करें।

उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक भारतीय को विशेष रूप से युवाओं को देश समाज व संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करना होगा ,उन्होंने कहा कि विगत 72 वर्षों में हमने बहुत कुछ खोया है अब हमें बहुत तीव्रता से देश को विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाना है ।

कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी जयप्रकाश सारस्वत ने केंद्र सरकार से कश्मीरी पंडितों को समूहों में कश्मीर में बसने की मांग की। उन्होंने जम्मू कश्मीर की विधान सभा का जनसंख्या के आधार पर परिसीमन की आवश्यकता व्यक्त की ।

समाजसेवी मुकेश राजपूत ने कहा कि हमको अपनी इतिहास की भूलों से सीखना होगा और गिलगित को हासिल करना हमारा प्रथम लक्ष्य होगा ।

गोष्ठी को अशोक सक्सेना सीए संजय गोयल, पूर्व प्रधानाचार्य रूपकिशोर वार्ष्णेय, एएमयू के छात्रनेता सोनवीर सिंह, विक्रांत जौहरी, व मोहित उपाध्याय ने भी संबोधित किया ।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से देवेंद्र सक्सेना, रवि राठी, डॉ अनिल वार्ष्णेय, डॉ इंदु वार्ष्णेय, डॉ गीता वार्ष्णेय, नीरव अरोड़ा एडवोकेट, ई0 राजीव शर्मा, रवीन्द्र राष्ट्रीय, मुकेश चंद्रा, गौरव शर्मा, विश्व हिंदु परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष शेखर जी, जयपालसिंह, गोपाल शर्मा, योगेश शर्मा , हंसपाल गुप्ता , वीरेंद्र वार्ष्णेय, गोपाल बाबू, अमित उपाध्याय, योगेश वार्ष्णेय, अशोक वार्ष्णेय, दीपक जैन, अर्जुन सक्सेना एडवोकेट, नेत्रपल सिंह , दिनेश चंद्र बंसल, नंद किशोर बंसल, शेखर शर्मा, प्रणव उपाध्याय , डॉ राजेश पालीवाल, विवेक जादौन आदि सैकड़ों गणमान्यजन उपस्थित रहे।